
रूढ़ी प्रथा परम्परा को पुनः स्थापित करने हेतु बिलासपुर सर्व आदिवासी समाज ने सेवा ध्वजा यात्रा संकल्प रैली निकालकर शक्ति का परिचय दिया l
दिनेश मरकाम ब्यूरो चीफ रतनपुर
रतनपुर/ रूढ़ी प्रथा परम्परा एवं अपने विरासत अधिपत्य को पुनः स्थापित करने हेतु रतनपुर रियासत गोंड़ राजाओं की कुल देवी माँ महामाई दाई को सेवा अर्जी करने समाज और क्षेत्र की खुशहाली के लिये आदिवासी पारम्परिक ध्वज पताके के साथ – रविवार, नवरात्रि षष्ठमी तिथि को सर्व आदिवासी समाज इकाई रतनपुर जिला बिलासपुर द्वारा पारम्परिक वेश भूषा, पारम्परिक, सांस्कृतिक बाजे गाजे के साथ सेवा ( ध्वजा ) जात्रा” का भव्य पदयात्रा रैली का महा आयोजन किया गया प्रदेश सचिव ने जानकारी दी रतनपुर मंदिर मे स्थित माँ महामाई दाई गोंड़ राजवंश की कुल देवी धरोहर है जो की सम्पूर्ण देश, विदेश, प्रदेश जिला एवं क्षेत्र मे विश्व विख्यात है जो की कुछ वर्ष पूर्व मे आदिवासी गोंड़ पुजारियों के द्वारा रतनपुर महामाया मंदिर रूढ़ि प्रथा परम्परा अनुसार लगातार समाजिक रीती से पूजा ( गोंगो ) कार्य संपन्न कराया जा रहा था किन्तु विगत कुछ वर्षो से रतनपुर एवं जिला बिलासपुर का सर्व आदिवासी समाज अपने कर्तव्य रूढ़ि प्रथा परम्परा से विमुख हो गया था अपने इसी भूल को सुधारने हेतु समाज एवं क्षेत्र की खुशहाली मंगल कामना की प्राप्ति हेतु जिला सर्व आदिवासी समाज ने अपने प्रथा परम्परा को माँ मां महामाई को चुनरी ,अन्न अर्पित जात्रा निकाल आदिवासी समाज ने कुल देवी की किए गोंगो दाई की सेवा मे पुनः स्थापित करने हेतु रविवार, नवरात्रि तिथि को ” सेवा ध्वजा यात्रा ” का भव्य शुभारम्भ किया कार्यक्रम यात्रा के दौरान माता महामाई दाई को सौ फिट की चुनरी चढ़ाने, नया अन्न अर्पित भेंट करने हेतु जिला सर्व आदिवासी समाज बिलासपुर के सामाजिक जन हजारों की संख्या मे उपस्थित रहे कार्यक्रम के आयोजक सर्व आदिवासी समाज सेवा समिति इकाई रतनपुर जिला बिलासपुर के प्रमुख संरक्षक, सामाजिक पदाधिकारियों मे मुख्य प्रमुख सुभाष सिंह परते ने कहा कि समाज ने अपनी समृद्धि के लिए कुल देवी मां महामाई रतनपुर में अन्न और चुनरी अर्पित की है , हमने अपनी पौराणिक परम्परा को शुरू किया है पूर्वजों के आशीर्वाद को पाने के लिए कुल देवी के आशीर्वाद को पाने के लिए समाज ने इसकी शुरवात की है जिससे समाज के बैगा , महिला पुरुष सभी शामिल हुए इस परंपरा को आगे भी जारी रखा जाएगा । चुनरी सेवा जात्रा में युवराज सिंह प्रधान, मनोहर सिंह राज, सूरज मरकाम, भागीरथी ध्रुव, बालाराम आर्मो, नंदकिशोर राज, डॉ संतोष उद्देश्य, आयुष सिंह राज, मनोज मरावी, धन सिंह पोर्ते, शिव नारायण चेचाम, राजेन्द्र जगत , भोला देव धुर्व,राम चन्द्र धुर्व, परमेश्वर जगत,परमेश्वर खुसरो, राजेश नेताम,जनक मरकाम ,बसंत प्रधान, हीरा प्रधान,प्रताप प्रधान, पावक सिंह, भुवन मरावी, जय सिंह खुसरो धन सिंह राजवाड़े धुरवाराम ध्रुव शालिग्राम मरकाम सदाराम मरकाम रमेश कुमार मरावी, हरनारायण उइके, सुमन बी एस ध्रुव,रामचंद्र ध्रुव, राजेंद्र पोर्ते, माखन लाल नेताम, धनसिंह आर्मो, सूरज मरकाम, मनोज मरावी,चरण सिंह राज, बलराम पोर्ते, विजय ध्रुव इत्यादि सहित जिला एवं क्षेत्र के, रतनपुर इकाई सर्व आदिवासी समाज गोंडवाना समाज बिलासपुर के हजारों की संख्या मे सामजिकगण उपस्थित थे ।







