रतनपुर/ धर्मनगरी रतनपुर के वार्ड क्रमांक 1 कोरबा भांवर में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा शराबबंदी और नशामुक्ति की ऐतिहासिक सफलता पर भव्य महिला सशक्तिकरण सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल एक सम्मान कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं के संघर्ष, साहस और सामाजिक परिवर्तन की प्रेरक गाथा का उत्सव था।

गांव की महिलाओं ने नशामुक्ति की शुरुआत अपने ही घर से की। शराब के कारण परिवारों में हो रही अशांति, आर्थिक तंगी और सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेकर उन्होंने संघर्ष का मार्ग चुना। इस दौरान उन्हें कई तरह की यातनाएं सहनी पड़ीं। कई महिलाओं ने मारपीट, गाली-गलौज और मानसिक प्रताड़ना तक झेली, लेकिन अपने लक्ष्य से कभी पीछे नहीं हटीं।
महिला समूहों ने एकजुट होकर जहां-जहां अवैध शराब का निर्माण हो रहा था, वहां पहुंचकर भट्ठियों को पकड़वाया। उन्होंने पुलिस प्रशासन का सहयोग लेते हुए शराब बनाने वालों को थाना पहुंचाया। उनके अथक प्रयासों और साहसिक कदमों का परिणाम यह हुआ कि आज पूरा वार्ड शराब और नशे से मुक्त हो चुका है। वार्ड में शांति, भाईचारा और सकारात्मक वातावरण का निर्माण हुआ है।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक प्रतिनिधि अजय श्रीवास्तव उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका परिषद रतनपुर के अध्यक्ष लव कुश कश्यप ने की। अति विशिष्ट अतिथियों में बिनु निराला (उपाध्यक्ष, नगर पालिका परिषद रतनपुर), सुभाष अग्रवाल (ब्लॉक अध्यक्ष, कांग्रेस रतनपुर), चावल मेम एवं जैन मेम (प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी), रतनपुर थाना प्रभारी निलेश पांडे, कन्हैया यादव, पूर्व उपाध्यक्ष नगर पालिका रतनपुर,रविंद्र दुबे, घनश्याम रात्रे, नवनीत (ए.बी.ओ. कोटा) तथा वार्ड क्रमांक 1 की पार्षद ममता पाव शामिल रहीं। कार्यक्रम में वार्ड के सभी महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं, वार्डवासी एवं भाजपा के समस्त कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
विधायक प्रतिनिधि अजय श्रीवास्तव
कोरबा भांवर की महिलाओं ने जो कार्य किया है, वह पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं ठान लेती हैं, तो समाज में सकारात्मक बदलाव निश्चित होता है। उन्होंने महिलाओं के साहस और दृढ़ निश्चय की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि सदैव ऐसे सामाजिक अभियानों के साथ खड़े रहेंगे।
नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष लव कुश कश्यप
महिला स्व-सहायता समूहों ने यह सिद्ध कर दिया है कि सामाजिक परिवर्तन की असली ताकत महिलाएं ही हैं। उन्होंने कहा कि नशामुक्त गांव का सपना अब साकार हुआ है और यह पूरे नगर के लिए गर्व की बात है। उन्होंने महिलाओं के आत्मबल, एकता और नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा की।
थाना प्रभारी निलेश पांडेय
महिला सशक्तिकरण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन को महिलाओं का पूरा सहयोग मिला, जिसके कारण अवैध शराब के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकी। उन्होंने कहा कि जब समाज और पुलिस मिलकर काम करते हैं, तब अपराध और नशे जैसी बुराइयों पर अंकुश लगाना आसान हो जाता है।
कार्यक्रम में मंच पर विराजमान
प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने भी महिलाओं के इस साहसिक कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल शराबबंदी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक जागरूकता और आत्मसम्मान की एक बड़ी पहल है। महिलाओं का यह कदम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा।
समारोह के अंत में महिला स्व-सहायता समूहों को सम्मानित किया गया और पूरे गांव ने यह संकल्प लिया कि नशामुक्ति अभियान को निरंतर बनाए रखा जाएगा। कार्यक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि यदि महिला शक्ति किसी कार्य को मन में ठान ले, तो वह उसे पूरा करके ही मानती है।







